सहरसा शहर के न्यू कॉलोनी स्थित महेंद्र शर्मा के आवास पर रविवार को विश्वकर्मा शक्ति मोर्चा की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता धनिकलाल ठठेरा ने की, जबकि संचालन लोजपा(रा) जिलाध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने किया। बैठक में विश्वकर्मा समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि अपने हक और अधिकार के लिए समाज की भागीदारी हर क्षेत्र में जरूरी है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि विश्वकर्मा के पांचों संतानों की आपसी एकजुटता और संघर्ष के बिना राजनीतिक हिस्सेदारी संभव नहीं है।
महेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की आबादी पांच प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद राजनीतिक हिस्सेदारी नगण्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दल समय-समय पर केवल वोट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन भागीदारी नहीं देते। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाए और उसी दल का समर्थन करे जो हिस्सेदारी देने को तैयार हो।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वकर्मा शक्ति मोर्चा शहर से लेकर गांव तक संगठन को मजबूत करेगा। आगामी 29 मार्च को अगली बैठक आयोजित कर संगठन को विस्तार दिया जाएगा और राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष की रणनीति बनाई जाएगी।
स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष शशि सोनी ने कहा कि समाज कभी अलग नहीं था, बल्कि उसे अलग किया गया। अब एक मंच पर आकर संघर्ष करने की जरूरत है। अधिवक्ता लीलाधर शर्मा ने कहा कि पांचों विश्वकर्मा पुत्रों की एकजुटता न केवल कोसी बल्कि पूरे बिहार में बदलाव ला सकती है।
डॉ. रघुनंदन शर्मा ने कहा कि अलग-अलग संगठन चलाने से बेहतर है कि एक मंच से आवाज उठाई जाए। अन्य वक्ताओं ने भी एकजुटता पर बल देते हुए राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।
बैठक में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
