सहरसा: बिहार में शराबबंदी के बावजूद सहरसा के ठुठ्ठी मुसहरी इलाके में कथित तौर पर अवैध देसी शराब का कारोबार जारी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि राजवाड़ा-सिमराहा की ओर से रोज शाम देसी शराब की खेप ठुठ्ठी मुसहरी पहुंचती है। ग्रामीणों का कहना है कि खुलेआम हो रही शराब की बिक्री से इलाके के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं और इसका सामाजिक असर भी दिखाई देने लगा है।
स्थानीय निवासी रूना देवी ने आरोप लगाया कि इलाके में लगातार देसी शराब पहुंचाई जा रही है। उनका दावा है कि ग्रामीणों ने कई बार शराब की खेप पकड़कर पुलिस को सौंपा, लेकिन आरोपियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस पर कथित तौर पर पैसे लेकर आरोपियों को छोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, वार्ड संख्या 21 के पार्षद बिट्टू यादव ने भी ठुठ्ठी मुसहरी में खुलेआम देसी शराब की बिक्री का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त के अवसर पर जिलाधिकारी की ओर से महादलित टोला में झंडोत्तोलन कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम से पहले साफ-सफाई के लिए नगर निगम के सफाई कर्मियों को भेजा गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर नशे की हालत में सफाई कर्मियों के साथ मारपीट कर दी। घटना में एक सफाई कर्मी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
पार्षद के मुताबिक, इलाके के कई घरों से देसी शराब की बिक्री की शिकायत पहले भी सामने आती रही है और पुलिस ने पूर्व में कार्रवाई भी की है। इसके बावजूद कथित अवैध कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
मामले पर प्रभारी एसडीपीओ ओम प्रकाश कुमार ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है। पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
अब सवाल यह है कि आखिर शराबबंदी वाले बिहार में ठुठ्ठी मुसहरी तक शराब की खेप कैसे पहुंच रही है? ग्रामीणों के आरोपों की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।







