बिहार के जिलों में मुख्यमंत्री ने विकास की बड़ी सौगात के दौरान समृद्ध यात्रा की। टनकुप्पा खंड के मायापुर गांव में सीएम ने 743 करोड़ रुपये की लागत से 693 का शिलान्यास और उद्घाटन किया। साथ ही मिलेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी उद्घाटन किया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र को लेकर अहम घोषणा करते हुए कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से जल्द ही 45 हजार शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया जारी होगी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक राज्य में 5.24 लाख लाख टन बिजली की आपूर्ति हो चुकी है।
सीएम ने अपने कृषि विभाग में सरकार की उपलब्धता को लेकर कहा कि बिहार में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार किया गया है। हर गांव को सड़क से जोड़ा गया है, जिससे यात्रा आसान और तेज हो गई है। कृषि क्षेत्र में प्रगति के साथ-साथ मछली उत्पादन में भी बिहार आत्मनिर्भर बना है और किसानों की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 10 लाख सरकारी बेरोजगारी और 40 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
स्वास्थ्य सेवाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले सरकारी कर्मचारियों में मरीज़ कम आते थे, लेकिन अब एक मरीज़ में हर महीने क़रीब 11 हज़ार मरीज़ों की संख्या है। राज्य में मेडिकल कंपनी की संख्या 6 से 12 हो गई है और पी.आई.ए.एस. को 5400 बेड का बनाया जा रहा है, जबकि आईजीआईएमएस का भी विस्तार जारी है।
पाठ्यक्रम में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार का चेहरा बदल गया है और सड़कों की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। जहां केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिस क्षेत्र में पहले डकैतियां गई थीं, वहां आज विकास की नई तस्वीरें दिख रही हैं।
