1 अप्रैल 2026 से देश में कई बड़े वित्तीय और सरकारी परिवर्तन लागू हो रहे हैं, जो आम आदमी, नौकरी पेशा और आदिवासियों की जिंदगी पर सीधा असर डालेंगे। सबसे बड़ा बदलाव हेल्थकेयर सिस्टम में है, जहां 1961 के पुराने कानून की जगह नया ‘इंकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू होगा। सरकार का दावा है कि इसे आसान बना दिया गया है और धाराओं की संख्या कम कर दी गई है, जिससे टैक्स वसूली आसान हो जाएगी।
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए नियम भी बदले जा रहे हैं। शेयर बायबैक को अब ‘कैपिटल गेंस’ माना जाएगा, जिससे टैक्स गणना बदलेगी। वहीं एफ एंड ओ ट्रेडिंग मशीन हो जाएगी क्योंकि नागालैंड ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) को बढ़ाया गया है। सोरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) में केवल ओरिजिनल सप्लाई तक सीमित कर छूट दी गई है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए नेशनल हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान समाप्त कर दिया जाएगा। अब केवल FASTag और UPI से ही भुगतान करना होगा। विदेश यात्रा और पढ़ाई करने वालों को टीसीएस दर से 2% की छूट मिली।
सामाजिक स्तर पर भी कुछ अहम जजमेंट दिए गए हैं। व्यापारियों और परिवारों के सदस्यों को कर में छूट मिलती है, जबकि जमीन अधिग्रहण के कारोबार पर पूरी तरह से कर मुक्त कर दिया जाता है। कंपनी के लिए MAT की दर पर 14% कर दिया गया है।
राज्य स्तर पर भी बदलाव देखने को मिलेंगे। उत्तर प्रदेश में अंतिम तिथि समाप्ति तिथि अनिवार्य होगी, राजस्थान में न्यूनतम नियम अद्यतन होंगे और मध्य प्रदेश में नई फैमिली पेंशन योजना लागू होगी। साथ ही कचरा प्रबंधन को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के लिए नए नियम लागू करेंगे।
कुल मिलाकर ये बदलाव सरकार के डिजिटल इकोनॉमी और सरल टैक्स सिस्टम की दिशा में बड़े कदम माने जा रहे हैं, जिसका असर हर नागरिक की जिंदगी पर पड़ता है।
