बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन आवेदन के लिए जीवन प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी पेंशनधारियों को 31 मार्च 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। निर्धारित तिथि के बाद केवल युवा लोगों को पेंशन मिलेगी, निर्धारित जीवन निर्धारण निश्चित हो जाएगा।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन आवेदन पत्र के अंतर्गत पात्र नागरिकों को हर माह ₹1100 की आर्थिक सहायता दी जाती है। लेकिन इस सुविधा का लाभ जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम मृत पेंशन जनजातियों की पहचान करने और वास्तविक व्यक्तित्व को बिना किसी बाधा के भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

जिले के आंकड़े बनाते हैं। कुल 2,93,506 पेंशनधारी हैं, जिनमें से अब तक केवल 1,85,574 लोगों के पास ही जीवन प्रमाण पत्र हैं। वहीं 1,07,932 ग्राहक अब भी इस जरूरी प्रक्रिया से हैं। राज्य स्तर पर देखा जाए तो अब तक 84 लाख से अधिक पेंशन कर्मचारियों का जीवन प्रमाण पत्र पूरा किया जा चुका है।

सामाजिक सुरक्षा कोषांग के प्रभारी सहायक निदेशक महावीर कुमार ने बताया कि 22 दिसंबर 2025 से कॉमनवेल्थ सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से यह प्रक्रिया निःशुल्क की जा रही है। इसके लिए किसी प्रकार का चार्ज नहीं देना होगा।

जिला प्रशासन ने सभी पेंशन धारियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपने रेलवे सीएससी केंद्र या विशेष कैंप में अंतिम तिथि का सत्यापन करा लें। समय सीमा की इस प्रक्रिया में पेंशन भुगतान पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई जा सकती, जिससे नागरिकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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