सीतामढ़ी जिले में आम नागरिकों से मिली शिकायतों के आधार पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरौत प्रखंड के यदुपट्टी बाजार स्थित अवैध रूप से संचालित ‘मां जानकी इमरजेंसी हॉस्पिटल’ को सील कर दिया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी रिची पांडेय के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी, पुपरी गौरव कुमार के नेतृत्व में की गई।
कार्रवाई के दौरान बीडीओ चोरौत, स्थानीय थाना प्रभारी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम द्वारा अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन खामियों को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को बंद करने का निर्णय लिया।
जांच में पाया गया कि अस्पताल में कोई पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं था और मरीजों के इलाज से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे। बिना योग्य डॉक्टरों के मरीजों का इलाज किया जा रहा था, जिससे मरीजों की जान को खतरा बना हुआ था।
इसके अलावा अस्पताल में स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण के मानकों का भी गंभीर उल्लंघन किया जा रहा था। आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण भी मानकों के अनुरूप उपलब्ध नहीं थे। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था नहीं पाई गई, जो स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।
इन सभी अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी रिची पांडेय ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध संचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि ऐसे अवैध संस्थानों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही इलाज कराएं और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
