बिहार के पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड में हालिया आंधी-तूफान और तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। प्राकृतिक आपदा के चलते इलाके में मक्का और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
चांदपुर भंगहा पंचायत के सामाजिक कार्यकर्ता बसंत यादव ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बनमनखी ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में मौसम की मार से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने बताया कि तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं और कई जगह पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
बसंत यादव ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द फसल क्षति का सर्वे कराया जाए और बिना किसी भेदभाव के सभी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत और कर्ज लेकर फसल तैयार की थी, लेकिन अचानक आए इस मौसम ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब उनके सामने परिवार चलाने और अगली फसल की तैयारी करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई गांवों में खेतों में पानी भर गया है, जिससे बची-खुची फसल भी खराब होने का खतरा बना हुआ है। किसान सरकार से राहत पैकेज और आर्थिक सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
कुल मिलाकर, आंधी और बारिश ने किसानों की स्थिति को गंभीर बना दिया है। ऐसे में प्रशासन और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग तेज हो गई है, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिल सके और वे दोबारा अपनी खेती को संभाल सकें।
