भारत सरकार की पहल पर विभिन्न राज्यों में अलग-अलग खेल विधाओं के लिए आवासीय एकलव्य सेंटर खोले जाने की योजना के तहत बिहार में भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है। इसी कड़ी में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना और सहरसा जिला कुश्ती संघ के संयुक्त प्रयास से सहरसा के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
खेल भवन सहरसा में आयोजित ट्रायल के दौरान तकनीकी पदाधिकारी और रेफरी की मौजूदगी में बालक और बालिका पहलवानों का चयन किया गया। इस चयन प्रक्रिया में सहरसा जिले से दो बालक पहलवान—राहुल कुमार (पिता शंभू शर्मा, ग्राम पंचगछिया) और मो. इम्तियाज (पिता इसाक, ग्राम कासिमपुर)—का चयन हुआ। वर्तमान में दोनों खिलाड़ी पाटलिपुत्र स्टेडियम स्थित एकलव्य सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
वहीं हाल ही में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा बालिका पहलवानों की सूची जारी की गई, जिसमें सहरसा जिले से तीन प्रतिभाशाली बेटियों—चंचल कुमारी (ग्राम कटधड़ा सलखुआ), संध्या कुमारी और अंशु कुमारी (दोनों ग्राम खोचरदेवा सलखुआ)—का चयन हुआ है। ये सभी खिलाड़ी कोच बलवीर कुमार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले चुकी हैं।
इन बालिका पहलवानों के लिए उमर गर्ल्स कॉलेज में आवासीय एकलव्य सेंटर स्थापित किया गया है, जहां उन्हें निःशुल्क आवास, 12वीं कक्षा तक शिक्षा, सुबह-शाम भोजन, खेल किट, खेल पोशाक और हर महीने ₹1500 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। साथ ही बिहार सरकार द्वारा भविष्य में सरकारी नौकरी की भी गारंटी दी गई है।
सहरसा कुश्ती संघ के सचिव एवं नेशनल कोच हरेंद्र सिंह मेजर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह मेहनत, जुनून और संकल्प का परिणाम है कि सुदूरवर्ती गांवों की बेटियां भी आज राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं।
जिले के लिए यह गौरव की बात है कि कुश्ती खेल में एक साथ पांच खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इस उपलब्धि पर जिले के विभिन्न खेल संघों और गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों और कोच को बधाई दी है।
