पटना से मिली गुप्त सूचना के आधार पर जीआरपी पटना ने कल रात फरक्का एक्सप्रेस में एक बड़ी तस्करी को नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई में कुल 88 दुर्लभ कछुआ बरामद किए गए और पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह तस्करी राज्य के वन्यजीव संरक्षण नियमों का उल्लंघन करती थी।
जीआरपी पटना के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि फरक्का एक्सप्रेस के एक विशेष कोच में कछुआ तस्करी की योजना बनाई जा रही है। इसके बाद पुलिस ने ट्रेन की सतर्क निगरानी शुरू कर दी। ट्रेन पटना स्टेशन पर पहुंचते ही अधिकारियों ने छापामारी की और संदिग्धों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए पांचों तस्करों के पास से कुल 88 कछुआ बरामद किए गए। यह कछुआ विभिन्न प्रजातियों के थे और इनमें कुछ दुर्लभ तथा संरक्षित प्रजातियां भी शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि तस्करों का इरादा इन कछुओं को राज्य के बाहर बेचने का था, जो कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह गैरकानूनी है।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान तस्करों ने कई दस्तावेज और परिवहन सामग्री भी अपने पास रखी थी, जिन्हें कब्जे में लिया गया है। गिरफ्तार तस्करों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है।
वन विभाग ने भी इस मामले में सहयोग किया और कछुओं को सुरक्षित स्थान पर रखवाया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन कछुओं की सेहत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और उन्हें जल्द ही प्राकृतिक आवास या संरक्षित स्थल पर छोड़ा जाएगा।
इस गिरफ्तारी से वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में नया मोड़ आया है। पटना जीआरपी और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों को सराहा जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी।
अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को इस तरह की तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि वन्यजीव संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।
