भागलपुर इशाकचक थाना कांड संख्या 46/26 के मुख्य आरोपी संजय भगत उर्फ ओम प्रकाश भगत के फरार रहने के बीच उसके किराए का कमरा खाली कराने का मामला सामने आया है। घटना ललमटिया थाना क्षेत्र के जवाहर टॉकीज के समीप आइसक्रीम फैक्ट्री गली की बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद मौके पर ललमटिया थाना पुलिस भी पहुंची, लेकिन इशाकचक थाना पुलिस के नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठने लगे।
जानकारी के अनुसार, संजय भगत सहदेव साह के मकान में किराए पर रह रहा था। इसी दौरान उसके बेटे के साथ करीब आठ से दस लोग किराए का कमरा खाली कराने पहुंचे। इस बात की जानकारी मिलने पर मामले से जुड़े रवि कुमार भी मौके पर पहुंचे।
पीपरपांती निवासी रवि कुमार के मुताबिक, संजय भगत ने उनका टेंपो किराए पर लिया था और पवन कैरियर ट्रांसपोर्ट से कुछ सामान नाथनगर पहुंचाने के लिए कहा था। रवि का कहना है कि टेंपो में किस तरह का सामान लदा था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
रवि के अनुसार, शीतला स्थान मिरजानहाट के पास इशाकचक थाना पुलिस ने टेंपो को रोक लिया और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद ट्रांसपोर्ट के मुंशी बृज बिहारी यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में दोनों को जेल भेज दिया गया।
रवि कुमार का आरोप है कि इस मामले का मुख्य आरोपी संजय भगत उर्फ ओम प्रकाश भगत अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसी बीच उसके किराए का कमरा खाली कराए जाने की सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे।
मौके पर ललमटिया थाना के अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार भी मौजूद थे। रवि कुमार ने जब उनसे पूछा कि कमरे को खाली कराने को लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, तो राहुल कुमार के अनुसार इशाकचक थाना पुलिस को कई बार सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अब तक वहां से कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
मुख्य आरोपी के फरार रहने के दौरान किराए का कमरा खाली कराए जाने और संबंधित थाना पुलिस की गैरमौजूदगी को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर सबकी नजर है।





