बिहार के पूर्णिया जिले में मनरेगा कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में बनमनखी प्रखंड के सहुरिया सुभाय मिलिक पंचायत के तत्कालीन पंचायत रोजगार सेवक शैलेन्द्र कुमार पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

 

यह कार्रवाई बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (BRDS), ग्रामीण विकास विभाग, पटना के पत्रांक 196 दिनांक 25 मार्च 2022 में दिए गए प्रावधानों के तहत की गई है। संबंधित पत्र के अनुबंध की कंडिका-1 की उपकंडिका (iv) के आलोक में शैलेन्द्र कुमार पर शास्ति अधिरोपित की गई है।

 

आदेश के अनुसार, पंचायत रोजगार सेवक के मूल मानदेय में 5 प्रतिशत की कटौती की गई है, जो एक वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहेगी। यह निर्णय मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में पाई गई अनियमितता और लापरवाही के आधार पर लिया गया है।

 

सूत्रों के अनुसार, कार्यों के निष्पादन में पारदर्शिता और समयबद्धता की कमी को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जांच की गई और दोषी पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में किसी भी तरह की लापरवाही सीधे तौर पर ग्रामीण जनता को प्रभावित करती है, इसलिए इसमें जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

 

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई एक संदेश के रूप में भी देखी जा रही है, ताकि अन्य कर्मी भी सतर्क रहें और अपने कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएं। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में भी यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

प्रशासन ने सभी पंचायत स्तर के कर्मियों को निर्देश दिया है कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें और सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *