नई: दिल्ली लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स राउंड में भारत का डाक विभाग खुद से तेजी से अपडेट कर रहा है। इसी दिशा में सेंट्रल संचार मंत्री ने तीन नई प्रीमियम सेवाएं शुरू कीं- ’24 स्पीड पोस्ट’, ’24 स्पीड पोस्ट स्ट्रैटेजीज’ और ’48 स्पीड पोस्ट’। इन सेवाओं का उद्देश्य एक या दो दिनों के भीतर तेज़ और समयबद्ध दस्तावेज़ की जांच करना है।

शुरुआती चरण में यह बिजनेस दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और रेजिडेंट जैसे छह बड़े शहरों में शुरू हुआ। सरकार का लक्ष्य है कि इंडिया पोस्ट को ई-कॉमर्स और स्ट्रैटेजिक लॉजिस्टिक्स बाजार में निजी कंपनियों के साथ मिलकर मजबूत बनाया जाए।

इसे पोस्ट ऑफिस में बड़े बदलावों का हिस्सा बताते हुए कहा गया है कि इंडिया पोस्ट देश के 6.5 लाख तक पहुंच वाला दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत में आज भी डाक सेवा स्थिति का सबसे मजबूत माध्यम है।

नई सेवाओं के तहत बुनियादी ढांचे और विशेषताओं को प्राथमिकता वाले चैनल और हवाई मार्ग से भेजा गया। विज़न को रियल-टाइम पर्सनैलिटी, एसएमएस के आधार पर सलाह और ओटीपी आधारित सेवाएं, जैसे प्लैटफॉर्म और सुरक्षा पोर्टफोलियो। बिजनेस बिजनेस के लिए ‘बुक नाऊ, पे लेटर’, सेंटरिफाइड बिलिंग और एपीआई इंटिग्रेशन जैसे डिजिटल उपकरण भी दिए जाएं। साथ ही, फ्रायडे का प्रोविजन भी जारी किया गया है।

यह पहली बार है जब भारत में ई-कॉमर्स बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2030 तक यह 30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसी के साथ मॉनसून की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

हालाँकि, निजी व्यापारी जैसे और पहले से ही तेज़ और प्रौद्योगिकी आधारित सेवाएँ आगे हैं, जहाँ कुछ मामलों में कुछ चौथाई में शुरुआत संभव है।

फिर भी, इंडिया पोस्ट की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल नेटवर्क और कम लागत वाला है, जो उसे छोटे शहरों और सिक्किम तक पहुंच में बढ़त देता है। अब देखिएगा कि नए स्पीड बिजनेसमैन इस स्टेट को तेजी से बदल रहे हैं।

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