बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। 16 मार्च 2026 को हुई वोटिंग में महागठबंधन के चार विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए, जिससे आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह की हार लगभग तय मानी जा रही है।
मतदान से दूरी बनाने वाले विधायकों में कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक फैसल रहमान शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई और कई तरह की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, इन अटकलों के बीच फैसल रहमान खुद सामने आए और उन्होंने अपनी गैरमौजूदगी की वजह स्पष्ट की।
फैसल रहमान ने बताया कि वह वोट डालने के लिए पटना पहुंचे थे, लेकिन उनकी मां की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई, जिसके कारण उन्हें तुरंत दिल्ली लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने अपने नेता तेजस्वी यादव को पहले ही जानकारी दे दी थी।
फैसल रहमान ने कहा, “मैं वोट डालने के लिए पटना गया था, लेकिन मां की गंभीर हालत के कारण मुझे दिल्ली जाना पड़ा। मेरे नेता तेजस्वी यादव को इसकी जानकारी है। मां से बढ़कर कुछ भी नहीं है।”
उनके इस बयान के बाद यह साफ हो गया कि उनकी अनुपस्थिति का कारण व्यक्तिगत था, लेकिन इसका सीधा असर महागठबंधन के गणित पर पड़ा। पहले से ही कमजोर स्थिति में दिख रहे आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह की जीत की संभावनाएं और कम हो गईं।
इधर, इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी एनडीए ने महागठबंधन पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि टिकट बेचने का यही नतीजा है कि विधायक फोन तक बंद कर देते हैं।
वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है, जहां उनके अपने विधायक ही उन्हें समर्थन नहीं दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एनडीए का शत-प्रतिशत मतदान हुआ है।
अब सबकी नजर चुनाव परिणामों पर टिकी है, जिसके बाद पूरी तस्वीर साफ होगी।
