शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। हटियागाछी रेलवे ढाला पर अब बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज निर्माण का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। इस परियोजना की लागत अब बढ़कर 98.3 करोड़ रुपये हो गई है। पहले तैयार डीपीआर में इसकी अनुमानित लागत 78 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन बाद में जमीन अधिग्रहण, बिजली पोल शिफ्टिंग और अन्य जरूरी कार्यों को शामिल करने के बाद एस्टीमेट में करीब 20 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने संशोधित एस्टीमेट को स्वीकृति के लिए पटना मुख्यालय भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य को गति मिल सकेगी।
प्रस्तावित ओवरब्रिज दो लेन का होगा, जिसकी लंबाई 46 मीटर तय की गई है। इसके दोनों ओर 200-200 मीटर में आरई वॉल और 160-160 मीटर में भाया डक्ट का निर्माण किया जाएगा। साथ ही करीब 800 मीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी, जिसके दोनों तरफ नाले भी होंगे। यह पुल एमएलटी कॉलेज गेट स्थित दुर्गा मंदिर के पास से शुरू होकर हटियागाछी गैराज तक जाएगा।
ओवरब्रिज बनने के बाद हटियागाछी रेलवे ढाला, कॉलेज गेट से तिवारी टोला तक लगने वाले भीषण जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वाहन चालकों को अब जाम में फंसकर समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा, वहीं ईंधन की बचत भी होगी। स्कूली बच्चों, ऑफिस जाने वाले कर्मियों और मरीजों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी।
यह रेलवे ढाला मधेपुरा, पूर्णिया, नवगछिया, भागलपुर, मानसी और खगड़िया जैसे जिलों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।
हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने में अभी समय लगेगा, क्योंकि स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। फिलहाल शहर में बंगाली बाजार और सर्वा ढाला पर दो अन्य ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन शहर के अन्य जाम प्वाइंट्स पर भी ओवरब्रिज की मांग लगातार बढ़ रही है।
