भागलपुर: जिले के कक्षा 4 से 6 तक के 1 लाख 66 हजार 489 बच्चों की बुनियादी पढ़ाई और संख्यात्मक दक्षता को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। नए सत्र 2026-27 से प्रारंभिक विद्यालयों में पहले घंटी भाषा और दूसरी घंटी गणित की पढ़ाई अनिवार्य रूप से शुरू होगी।
शिक्षा विभाग ने पाया है कि कक्षा 4, 5 और 6 के कई छात्र अभी भी बुनियादी सीखने के स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए राज्य स्तर पर समन्वित पहल करते हुए सभी सरकारी विद्यालयों में विशेष शिक्षण गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इस अभियान के तहत बच्चों का बेसलाइन मूल्यांकन कराया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई-लिखाई और गणित की क्षमता को मापा जा सके और सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
इस कार्यक्रम में पीयर लर्निंग पद्धति अपनाई जाएगी। यह एक सहकर्मी शिक्षण प्रक्रिया है, जिसमें बच्चे औपचारिक शिक्षक के बिना अपने साथियों के साथ ज्ञान, अनुभव और कौशल साझा करके सीखते हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, यह पारंपरिक शिक्षण की तुलना में अधिक प्रभावी और सहयोगी तरीका है।
विद्यालयों में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक स्कूल में दो शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिला और प्रखंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे, जबकि स्कूल काम्प्लेक्स स्तर पर रिसोर्स पर्सन को प्रशिक्षण देकर शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम की प्रगति की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में नियमित रूप से राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी।
अभियान को चार चरणों में लागू किया जाएगा। पहला चरण अप्रैल-मई 2026 में आधार मजबूत करने की तैयारी का होगा। दूसरा चरण जून में गर्मी की छुट्टियों में समुदाय आधारित सीखने का होगा। तीसरे चरण में जुलाई से सितंबर तक 12 सप्ताह के लिए ‘टीचिंग एट द राइट लेवल’ पद्धति के माध्यम से बच्चों को उनके स्तर के अनुसार पढ़ाया जाएगा। चौथे चरण में अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक कार्यक्रम की समीक्षा और समेकन किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य जिले के सभी बच्चों की बुनियादी साक्षरता और गणितीय दक्षता को मजबूत करना है, ताकि वे आगे की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें और किसी भी शैक्षणिक अंतर को पार कर सकें।
कुल मिलाकर, यह अभियान बच्चों की आधारभूत शिक्षा को मज़बूत करने के लिए शिक्षा विभाग की एक व्यापक और समन्वित पहल के रूप में देखा जा रहा है।
