अब तक यह माना जाता रहा है कि बच्चों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर मां की जीवनशैली का पड़ता है, लेकिन एक नई रिसर्च ने इस धारणा को बदल दिया है। अध्ययन में सामने आया है कि पिता की धूम्रपान की आदत भी बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
रिसर्च के अनुसार, जो पुरुष सिगरेट, बीड़ी या तंबाकू का अधिक सेवन करते हैं, उनके बच्चों में Type 2 Diabetes जैसी घातक बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए चूहों पर प्रयोग किए, जिसमें चौंकाने वाले परिणाम सामने आए।
अध्ययन में पाया गया कि निकोटीन का सेवन पुरुषों के डीएनए और स्पर्म की संरचना में बदलाव ला सकता है। यह बदलाव अगली पीढ़ी के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे बच्चों में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ने लगता है। इसके कारण कम उम्र में ही उन्हें डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि निकोटीन का असर केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर के जेनेटिक ढांचे को भी प्रभावित करता है। पिता के शरीर में मौजूद निकोटीन के अंश बच्चों के पैंक्रियाज की कार्यक्षमता को कमजोर कर देते हैं। इससे बच्चों में मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं बचपन से ही विकसित होने लगती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति आगे चलकर Type 2 Diabetes जैसी बीमारी का कारण बन सकती है, जो जीवनभर स्वास्थ्य पर असर डालती है।
डॉक्टरों का मानना है कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए पुरुषों को धूम्रपान और निकोटीन से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और नशामुक्त जीवनशैली अपनाकर ही बच्चों को इस तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है।
यह रिसर्च एक अहम संदेश देती है कि बच्चों की सेहत केवल मां पर निर्भर नहीं करती, बल्कि पिता की आदतें भी उतनी ही जिम्मेदार होती हैं।
