भागलपुर के सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेले का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन समारोह के बाद मुख्य अतिथि सैयद शाहनवाज हुसैन ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों, वैज्ञानिकों और छात्र-छात्राओं से बातचीत कर कृषि से जुड़ी नई तकनीकों और शोध कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कृषि अनुसंधान और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय लगातार कृषि तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी उपज बढ़ा सकते हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के किसान मेले किसानों और वैज्ञानिकों के बीच एक बेहतर संवाद का माध्यम बनते हैं, जिससे नई तकनीक सीधे किसानों तक पहुंचती है।
मेले में लगाए गए ऑर्गेनिक उत्पादों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विशेष रूप से जैविक तरीके से तैयार किए गए सिंदूर के स्टॉल को लेकर सैयद शाहनवाज हुसैन ने खास रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि यहां तैयार किया गया सिंदूर पूरी तरह जैविक है और भारतीय संस्कृति में सिंदूर का महत्व बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय किसान मेले में आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, कृषि यंत्र, जैविक खेती, पशुपालन और बागवानी से जुड़ी नई जानकारियां किसानों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मेले में बड़ी संख्या में किसान, छात्र-छात्राएं और कृषि विशेषज्ञ पहुंच रहे हैं और विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि इस किसान मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाने के लिए नई संभावनाओं से परिचित कराना है।
