ग्रुप: बिहार के कॉलेज जिले के जामलपुर में यात्रियों को बेचने वाली महिला स्नैचर गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है। फ़्राईज़, बेलारूस और सीएनबीसी की संयुक्त कार्रवाई में चार महिलाओं को गिरफ़्तार किया गया है। ये महिलाएं ट्रेन में सफर करने वाली महिला यात्रियों को ही अपना शिकार स्थान और मौका मिलते ही उनके गले से मंगलसूत्र और अन्य सामान झपटकर भाग जाती हो जाती हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महिलाओं के तंबू से करीब 5 लाख रुपये की नकदी, 100 ग्राम सोने के आभूषण, 500 ग्राम चांदी के आभूषण और कई चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह गैंग नशाखोरी की तरह तंबू में अलग-अलग जगहों पर चिनताई की परंपरा को अंजाम देता था। भागलपुर के बाद इस गैंग की गर्लफ्रेंड और गैंग की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
भरतपुर, 11 मार्च को इंटरसिटी एक्सप्रेस से पटना जा रही एक महिला यात्री का मंगल सूत्र गले से अचानक गायब हो गया। महिला ने शक सैमसंग की अपने पास स्थित दुकान में दो महिलाओं ने यह स्थान बनाया है। अगले दिन 12 मार्च को जब सागर तट से वापस लौटा तो उसने जामलपुर के नमूने को इसकी जानकारी दी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि हिटलर, बेलारूस और सीएनबीसी की संयुक्त निर्मित और स्टेशन के टीमों की जांच शुरू हो गई है। साजी में दो डॉक्यूमेंट्री लैब्स प्लेटफॉर्म पर दिखाई देने वाला वर्गीकरण, जिसके बाद पुलिस की पहचान हो गई। इसी बीच सूचना मिली कि महिला इंटरनेशनल सिटी एक्सप्रेस में महिलाओं की पहचान की गई है और किसी बड़ी परंपरा की जानकारी दी गई है।
पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और पता लगाया कि वे कासिम बाजार इलाके के बाजार समिति इलाके में तंबू लगाकर रह रहे हैं। इसके बाद कासिम बाजार थाना पुलिस और महिला पुलिस बल के बारे में बताया गया।
लूट के दौरान तंबू से बड़ी मात्रा में कैश, सोना-सब्जी के गहने और मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो झारखंड के जामताड़ा और दो आश्रमों में रहने वाली महिलाओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।
वेटेज अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में जामपुर-भागलपुर और बांका रूट की किताबों में चीनताई की शोभा बढ़ी थी। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा के लिए इस तरह का अभियान आगे भी जारी रखें।
