सहरसा के स्थानीय प्रेक्षा गृह में शनिवार को समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से बाल संरक्षण के क्षेत्र में पारस्परिक बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से प्रमंडल स्तरीय विचार गोष्ठी सह संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोशी प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमंडलीय आयुक्त के साथ सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार, सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार, मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन, सहरसा के पुलिस अधीक्षक हिमांशु, सुपौल के पुलिस अधीक्षक शरथ आर. एस., मधेपुरा के पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह, उप विकास आयुक्त सहरसा गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत तथा किशोर न्याय परिषद के माननीय न्यायाधीश सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों और प्रावधानों की जानकारी सभी संबंधित हितधारकों तक पहुंचाना इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके समुचित संरक्षण के लिए विभाग द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन सराहनीय पहल है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और संबंधित हितकारकों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान बताए गए सभी प्रावधानों को गंभीरता से ग्रहण करें, उनका नियमित अध्ययन करें और आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों की समुचित देखभाल करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षा और सही दिशा देकर ही उनके स्वर्णिम भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करें, तो निश्चित रूप से विकसित राष्ट्र की संकल्पना को साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रावधानों, योजनाओं और समन्वय तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और अधिकारों से जुड़े कानूनों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के पदाधिकारी, विभागीय प्रतिनिधि और अन्य संबंधित हितधारक मौजूद रहे।
