बिहार के नवादा जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रजौली थाना क्षेत्र के जंगलों में छिपाकर रखे गए अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान AK-47 राइफल समेत कई हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि रजौली थाना क्षेत्र के जंगलों में कुछ असामाजिक तत्व अवैध हथियार छिपाकर रखते हैं। इतना ही नहीं, जंगल में काम करने वाले मजदूरों को धमकाकर उनका खाना भी छीन लिया जाता था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद उनके निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रजौली के नेतृत्व में थानाध्यक्ष और विशेष कार्य बल (STF) की मदद से एक विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया।
गठित टीम ने 12 मार्च 2026 को ह्यूमन इंटेलिजेंस और सटीक सूचना के आधार पर रजौली थाना क्षेत्र के ग्राम डेलवा में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने अजीत कुमार नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अजीत कुमार, बलेश्वर यादव का पुत्र बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद जब उससे पूछताछ की गई तो उसकी निशानदेही पर उसके घर से लगभग 20 मीटर दूरी पर आम के पेड़ के पास छिपाकर रखे गए हथियार बरामद किए गए।
पुलिस ने मौके से एक AK-47 राइफल, दो .315 बोर की राइफल, AK-47 के 21 कारतूस, .315 बोर के 10 कारतूस, दो मैगजीन, तीन एम्युनिशन पाउच और तीन सेट कैमोफ्लाज वर्दी बरामद की है। इस बरामदगी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।
नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने बताया कि एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान में अजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि इस दौरान दो अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पूछताछ में अजीत कुमार ने खुलासा किया है कि वह अपने संगठन के अन्य साथियों के साथ मिलकर हथियारों का भय दिखाकर निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों और अन्य लोगों से लेवी वसूलता था। पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद उन्होंने हथियारों को जंगल में छिपाकर रख दिया था।
इस मामले में रजौली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
