बिहार के सहरसा जिले में जमीन विवाद एक बार फिर हिंसक रूप लेता नजर आया है। बिना किसी ठोस समाधान के बढ़ते विवाद अब कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। ताजा मामला बनमा इटहरी थाना क्षेत्र के कुसमी महारथ गांव का है, जहां जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस घटना में दोनों पक्षों के कुल 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि रतन यादव और ब्रह्मदेव वरही पक्ष के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार देर शाम विवाद उस समय हिंसक हो गया जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। घटना में एक पक्ष के चार लोग तथा दूसरे पक्ष की महिलाओं समेत पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक पक्ष के कैलास यादव ने आरोप लगाया कि केवाला से प्राप्त उनकी जमीन की दूसरे पक्ष द्वारा घेराबंदी की जा रही थी। विरोध करने पर उन लोगों ने मारपीट शुरू कर दी, जिसमें उनके पक्ष के चार लोग घायल हो गए।
वहीं दूसरे पक्ष के राधेश्याम वरही ने बताया कि संबंधित जमीन उनकी पुस्तैनी संपत्ति है और वर्षों से उनके कब्जे में है। जब वे जमीन की घेराबंदी कर रहे थे, तब दूसरे पक्ष के लोग जबरन पहुंचकर मारपीट करने लगे, जिससे उनके परिवार के कई सदस्य घायल हो गए।
घायलों की पहचान कुसमी महारथ निवासी उमेश यादव, कैलास यादव, अंकित यादव और रतन यादव के रूप में हुई है। वहीं दूसरे पक्ष के घायलों में ब्रह्मदेव वरही, राधेश्याम वरही, लालो देवी, हीरा देवी और सुनीता देवी शामिल हैं।
मामले की सूचना मिलने के बाद बनमा इटहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थाना प्रभारी खुशबू कुमारी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कर लिया गया है तथा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
