बिहार के कई जिलों में इन दिनों एलपीजी गैस गोदामों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दरभंगा जिले के बहेड़ी बाजार क्षेत्र में स्थिति ऐसी है कि लोग सुबह से ही खाली सिलेंडर लेकर गोदामों के बाहर लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। कई उपभोक्ता रोज गैस भरवाने की उम्मीद में आते हैं, लेकिन गैस नहीं मिलने पर खाली सिलेंडर लेकर ही घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति की खबरों के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसी डर से लोग समय से पहले ही गैस सिलेंडर लेने के लिए गोदामों पर पहुंच रहे हैं। उपभोक्ता मो. शाहिद बताते हैं कि गोदामों पर लंबी लाइन लगी रहती है और मांग के अनुसार गैस नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि अगर समय पर गैस नहीं मिली तो घर का चूल्हा-चौका बंद हो जाएगा, इसलिए लोग पहले से ही सिलेंडर स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं।
गैस एजेंसी संचालक भी इस समस्या को स्वीकार कर रहे हैं। बहेड़ी एचपी गैस एजेंसी के संचालक विजय राज के अनुसार, प्लांट से गैस की आपूर्ति अनियमित और कम हो गई है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग जरूरत से ज्यादा गैस जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे स्थिति और कठिन हो रही है।
एजेंसी संचालक के मुताबिक, होली की छुट्टियों का भी गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है। होली के कारण एजेंसी तीन दिनों तक बंद रही और गैस ढोने वाले वाहनों के चालक भी छुट्टी पर थे। इसी वजह से गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है।
इस बीच केंद्र सरकार ने देश में गैस आपूर्ति को बनाए रखने के लिए कदम उठाने की बात कही है। मंत्रालय ने ऑयल रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए गैस रीफिलिंग के नियमों में बदलाव करते हुए इंटर-बुकिंग पीरियड 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
फिलहाल बिहार में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 1002 रुपये 50 पैसे है, जो पिछले महीने 942 रुपये 50 पैसे थी। बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए लोगों में आगे और महंगाई की आशंका बनी हुई है। इसी कारण गैस गोदामों पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
