भागलपुर स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी एक निजी कंपनी पर कर्मचारियों को धमकाने और उनके वेतन तथा भविष्य निधि (पीएफ) से संबंधित गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिस कंपनी के अधीन शहर के 51 वार्डों में 51 कर्मचारी कार्यरत हैं, वही कंपनी अब कर्मचारियों को शिकायत करने पर परिणाम भुगतने की धमकी दे रही है।
यह मामला तब सामने आया जब कंपनी में कार्यरत एक कर्मचारी ने नगर आयुक्त को लिखित आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। आवेदन में कर्मचारी ने बताया कि वह Logikool Technology Pvt. Ltd. नामक कंपनी में एजेंट के रूप में कार्यरत है। इस कंपनी का कार्यालय भागलपुर के स्मार्ट सिटी बिल्डिंग में संचालित होता है।
कर्मचारी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि कंपनी द्वारा कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। कई महीनों से उनका बकाया भुगतान लंबित है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कंपनी पर कर्मचारियों की भविष्य निधि (पीएफ) की राशि जमा नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपना काम कर रहे हैं और कंपनी के सभी निर्देशों का पालन भी कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। उनका कहना है कि वेतन और पीएफ जैसी जरूरी सुविधाओं में लापरवाही उनके साथ अन्याय है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब कर्मचारी अपने बकाया वेतन और पीएफ की मांग करते हैं या इस संबंध में सवाल उठाते हैं, तो कंपनी के कुछ जिम्मेदार लोग उन्हें धमकाने लगते हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे कहा जाता है—“देख लेंगे, तुम कुछ भी नहीं कर पाओगे।” इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर कर्मचारियों को डराने और चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए और जिन कर्मचारियों का वेतन व पीएफ बकाया है, उसे जल्द से जल्द दिलाया जाए।
