सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र के सरडीहा गांव के मध्य टोला में सत्यनारायण भगवान की पूजा के बाद प्रसाद खाने से 100 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। बीमार लोगों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रसाद खाने के अगले दिन बिगड़ी तबीयत: ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार शाम गांव में सत्यनारायण भगवान की पूजा आयोजित की गई थी। पूजा के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद अगले दिन अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक कई घरों से उल्टी-दस्त की शिकायत सामने आने लगी। शुरुआत में लोगों ने स्थानीय मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन कई लोगों की हालत में सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रसाद खाने वाले अधिकांश लोग बीमार पड़ गए हैं। गांव में एक साथ इतने लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी गई। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में आए एक न्यायिक अधिकारी ने भी लोगों की स्थिति देखी और स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेजने की पहल की।
गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम: सूचना मिलते ही अनुमंडल अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर की मेडिकल टीम सरडीहा गांव पहुंची। स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर बीमार लोगों की जांच शुरू की। गंभीर स्थिति वाले कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए गांव से बाहर भी ले जाया गया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैंप कर मरीजों को आवश्यक दवाएं और उपचार उपलब्ध करा रही है।
फूड प्वाइजनिंग की आशंका: अनुमंडल अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आशीष कुमार ने प्रथम दृष्टया इसे फूड प्वाइजनिंग का मामला बताया है। उन्होंने कहा कि करीब 100 लोगों के बीमार होने की सूचना मिली है, जिनमें से लगभग 50 लोगों का इलाज शुरू किया जा चुका है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैंप कर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बीमारी की वास्तविक वजह और प्रसाद में किसी तरह की गड़बड़ी हुई थी या नहीं, इसकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।





