बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। खबर है कि नीतीश कुमार बृहस्पतिवार को पटना में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इस बीच जेडीयू कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने इसका खुलकर विरोध किया है और चेतावनी दी है कि अगर किसी साजिश के तहत नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
वीओ-1:
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर फैलते ही जेडीयू के कुछ युवा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए। वहां उन्होंने नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार के समर्थन में नारे लगाए। हालांकि, इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना पर नाराजगी भी जाहिर की।
वीओ-2:
एक जेडीयू समर्थक ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की जनता के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं। अगर उन्हें किसी साजिश के तहत पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने नेता को मुख्यमंत्री पद से हटते नहीं देखना चाहते।
वीओ-3:
उधर, भाजपा खेमे ने इस पूरे मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बड़ा फैसला होता है, तो उसका अंतिम निर्णय दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार बताया जा रहा है।
वीओ-4:
इस बीच जेडीयू के वरिष्ठ नेता और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है और अंतिम फैसला खुद मुख्यमंत्री ही लेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं।
एंकर आउट्रो:
फिलहाल जेडीयू ने राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में सबकी नजर अब नीतीश कुमार के फैसले पर टिकी है कि वह मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे या फिर राज्यसभा की ओर कदम बढ़ाएंगे।
