मध्य-पूर्व में जारी युद्ध का असर अब बिहार के एक छोटे से गांव तक पहुंच गया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए हमले ने गया जिले के एक परिवार की चिंता बढ़ा दी है।
दरअसल, गया जिले के आमस प्रखंड के हमजापुर गांव के रहने वाले मोहम्मद मोजफ्फर पिछले कई वर्षों से कतर में नौकरी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ईरान ने हाल के दिनों में कतर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने Al Udeid Air Base को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इसी इलाके से कुछ दूरी पर मोजफ्फर का कार्यस्थल और रहने की जगह है।
मोजफ्फर ने अपने परिवार को फोन और वीडियो कॉल के जरिए वहां की भयावह स्थिति दिखाई है। उन्होंने बताया कि मिसाइल हमलों के दौरान पूरे इलाके में अलार्म बजने लगते हैं और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं। मोजफ्फर के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से वे ठीक से सो भी नहीं पाए हैं और हर वक्त अनहोनी का डर बना हुआ है।
हमले के दौरान की स्थिति बताते हुए मोजफ्फर ने कहा कि सोमवार की सुबह वे अपने ऑफिस में ड्यूटी पर थे, तभी अचानक मिसाइल हमले शुरू हो गए। इसके बाद वे और उनके साथी सुरक्षित जगह की ओर भागे। उन्होंने बताया कि लगातार धमाकों की आवाज और जहरीले धुएं के कारण लोगों में डर का माहौल है।
इधर, गया में मोजफ्फर का परिवार उनकी सलामती के लिए दुआ कर रहा है। उनकी पत्नी बुशरा परवीन और सात साल की बेटी तस्कीन इमाम हर दिन पिता की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रही हैं। रमजान के पाक महीने में मासूम बेटी ने रोजा रखकर अपने पिता की जिंदगी और जल्द घर लौटने की दुआ मांगी है।
मोजफ्फर का कहना है कि वे किसी भी तरह अपने वतन भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल हालात ऐसे नहीं हैं कि तुरंत लौट पाना संभव हो सके।
वहीं कतर सरकार का दावा है कि अधिकांश मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया है। इसके बावजूद वहां रहने वाले भारतीयों और स्थानीय लोगों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
