बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। मझौलिया थाना पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विवेक दीप ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर मझौलिया चीनी मिल गेट के समीप भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम के पास छापेमारी की गई। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां तीन संदिग्ध युवक एटीएम के पास खड़े नजर आए। पुलिस वाहन को देखते ही तीनों युवक घबराकर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उन्हें धर दबोचा।
गिरफ्तार युवकों की पहचान जौकटिया वार्ड नंबर 05 निवासी असफाक आलम, सरफराज आलम और अरवाज आलम उर्फ रेयाजूल अली के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा तलाशी और मोबाइल जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उनके मोबाइल फोन में विभिन्न विदेशी नंबरों से लगातार संदिग्ध कॉलिंग और चैटिंग के साक्ष्य मिले हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इनका संपर्क अंतरराज्यीय और विदेशी साइबर अपराधियों से था।
एसडीपीओ विवेक दीप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और दो एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग ‘म्युल अकाउंट’ के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन करते थे। साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकालने का काम ये आरोपी करते थे।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ मझौलिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है और पूरे नेटवर्क को खंगालने का प्रयास किया जा रहा है।
इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस की तत्परता की सराहना हो रही है।
