जामताड़ा झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। जामताड़ा स्थित अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि जेपीएससी में भ्रष्टाचार और अनियमितता की शुरुआत भाजपा के शासनकाल में ही हुई थी।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा ने जेपीएससी को जिस स्थिति में पहुंचाया है, उससे संस्थान को बाहर निकालने में समय लगेगा। उन्होंने झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के जेपीएससी को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए, क्योंकि अनियमितताओं की शुरुआत उनके कार्यकाल में ही हुई थी।
2000 से 2026 तक जांच की मांग
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जांच को केवल 14वीं जेपीएससी परीक्षा तक सीमित नहीं रखा जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के बाद वर्ष 2000 से 2026 तक जेपीएससी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं की सीआईडी जांच होनी चाहिए। उनके मुताबिक, व्यापक जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की पहचान हो सकेगी।
मंत्री ने कहा कि दोषी चाहे किसी भी दल या पद से जुड़ा हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मामले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच की प्रक्रिया जारी है।
छात्रों के आंदोलन पर सरकार का पक्ष
छात्र आंदोलन को लेकर डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है। आंदोलन के दौरान राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल एंबुलेंस और चिकित्सकों की टीम भेजे जाने की बात भी उन्होंने कही। मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मुद्दों पर छात्रों को सरकार का पक्ष समझना चाहिए और आंदोलन को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
जैन समाज की सराहना
मंत्री ने जैन समाज की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि समाज ने एकता की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकजुटता के साथ समाज के हित में खड़ा होना सकारात्मक संदेश देता है।
संवाददाता — संतोष कुमार







