जामताड़ा जिले के मिहिजाम हाई स्कूल से शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक की तबीयत से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बीमार होने के बावजूद एक शिक्षक के एंबुलेंस से स्कूल पहुंचकर ड्यूटी करने का मामला चर्चा में है। शिक्षक अरुण कुमार वर्मा का दावा है कि उन्होंने स्वास्थ्य खराब होने के कारण छुट्टी के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अवकाश स्वीकृत नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में एंबुलेंस से स्कूल पहुंचना पड़ा।
शिक्षक के अनुसार, तबीयत खराब होने के बावजूद उन्होंने स्कूल पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने बच्चों को पढ़ाया और स्मार्ट क्लास की ट्रेनिंग में भी हिस्सा लिया। शिक्षक का कहना है कि अगर उन्हें समय पर छुट्टी मिल जाती तो बीमारी की स्थिति में एंबुलेंस से स्कूल आने की नौबत नहीं आती।
क्या कहा शिक्षक ने?
शिक्षक अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और उन्होंने छुट्टी के लिए आवेदन किया था। उनका आरोप है कि छुट्टी स्वीकृत नहीं की गई। इसके बाद मजबूर होकर उन्हें एंबुलेंस के सहारे स्कूल आना पड़ा। उन्होंने स्कूल पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराने के साथ कक्षा भी ली।
डीईओ ने आरोपों को बताया निराधार
मामले को लेकर जामताड़ा के जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम से बात की गई। उन्होंने शिक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। डीईओ ने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद और निराधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिक्षक की तबीयत खराब होने पर विभाग में मेडिकल अवकाश की समुचित व्यवस्था है। शिक्षक नियमानुसार अवकाश लेकर इलाज करा सकते हैं और स्वस्थ होने के बाद दोबारा ड्यूटी ज्वाइन कर सकते हैं।
मामले को लेकर चर्चा तेज
शिक्षक के एंबुलेंस से स्कूल पहुंचने की तस्वीर और जानकारी सामने आने के बाद स्कूल तथा आसपास के क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों के स्वास्थ्य को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि बीमारी की स्थिति में उन्हें परेशानी न हो और विद्यालय में पढ़ाई व्यवस्था भी सुचारु रूप से चलती रहे।
फिलहाल शिक्षक के आरोप और डीईओ के बयान के बाद मामला चर्चा में है। अब देखना होगा कि इस पूरे प्रकरण में विभागीय स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
संवाददाता — संतोष कुमार







