आज 03 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। विक्रम संवत 2082 के अनुसार यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्णिमा तिथि पर माता लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां पार्वती की पूजा-अर्चना का विशेष विधान है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर सुख-समृद्धि, ज्ञान और शांति की प्राप्ति होती है।
आज के पंचांग के अनुसार योग ‘सुकर्म’ है तथा नक्षत्र ‘मघा’ है। चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेंगे और मघा नक्षत्र का विस्तार सिंह राशि के 0 से 13:20 डिग्री तक है। इस नक्षत्र के देवता पितृगण माने गए हैं और इसके स्वामी केतु हैं। ज्योतिष शास्त्र में मघा नक्षत्र को उग्र और क्रूर प्रकृति का माना गया है। ऐसे में इस नक्षत्र में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, मांगलिक आयोजन, यात्रा या उधार लेन-देन से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि शत्रुओं के विनाश अथवा रणनीति बनाने जैसे कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं।
विशेष बात यह है कि आज चंद्रग्रहण भी है, जिससे दिन का महत्व और बढ़ गया है। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान करना लाभकारी माना जाता है, जबकि शुभ कार्यों से परहेज करना उचित रहता है।
आज सूर्योदय सुबह 06:45 बजे और सूर्यास्त शाम 06:21 बजे होगा। चंद्रोदय भी शाम 06:21 बजे है, जबकि चंद्रास्त नहीं है। राहुकाल दोपहर 15:27 से 16:54 बजे तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। यमगंड 11:06 से 12:33 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् में भी सावधानी बरतना आवश्यक है।
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति, दान-पुण्य और आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ है, लेकिन पंचांग के अनुसार समय और नक्षत्र का विशेष ध्यान रखना जरूरी
