
सहरसा पुलिस ने ट्रांसफॉर्मरों से बिजली के तार चोरी करने वाले एक सक्रिय अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पूछताछ में सहरसा और मधेपुरा जिले में हुई कई चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए बिजली तार का एक बंडल भी बरामद किया है।
शुक्रवार को सदर थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रभारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओमप्रकाश कुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मरों को क्षतिग्रस्त कर बिजली के तार चोरी किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया।
विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मानव आसूचना और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामप्रवेश कुमार, मुकेश शर्मा, बटेसर शर्मा, सुशील कुमार और सनेश कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में सभी आरोपियों ने कई चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह अंतरजिला गिरोह सहरसा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई 12 तथा मधेपुरा जिले में हुई 4 बिजली तार चोरी की घटनाओं सहित कुल 16 मामलों में शामिल रहा है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए बिजली तार का एक बंडल भी बरामद किया गया है। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से ट्रांसफॉर्मरों को क्षतिग्रस्त कर बिजली के तार चोरी कर रहा था।
प्रभारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही चोरी किए गए अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिजली तार चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और ऐसे अपराधों में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी, सहरसा





