कोशी क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग एक बार फिर लोकसभा में गूंजी। मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने बुधवार को लोकसभा में नियम-377 के तहत सहरसा या मधेपुरा में अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल की स्थापना की मांग उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि एम्स झज्जर की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस विशेषीकृत कैंसर अस्पताल या कैंसर संस्थान की स्थापना की जाए, ताकि कोशी क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज अपने ही इलाके में मिल सके।
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और खगड़िया जैसे जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं हो सकी हैं। खासकर कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के इलाज के लिए क्षेत्र में कोई उच्च स्तरीय विशेष अस्पताल उपलब्ध नहीं है। इसका खामियाजा हजारों मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इलाज के लिए मरीजों को पटना, दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। लंबी दूरी तय करने, महंगे इलाज, रहने-खाने और अन्य खर्चों के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार आर्थिक रूप से टूट जाते हैं। कई मरीज समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण अपनी जान भी गंवा देते हैं।
सांसद ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से आग्रह किया कि कोशी क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए सहरसा या मधेपुरा में एक आधुनिक कैंसर अस्पताल की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह अस्पताल स्थापित होता है तो न केवल चार जिलों बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को भी बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा।
अब क्षेत्र की जनता की निगाहें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि कोशीवासियों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को कब तक मंजूरी मिलती है।





