भागलपुर जिले में अंधविश्वास और डायन प्रथा से जुड़ा एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां डायन होने का आरोप लगाकर पति-पत्नी की बेरहमी से लाठी-डंडों से पिटाई कर दी गई। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज में भर्ती कराया गया है।

 

यह घटना गोराडीह थाना क्षेत्र के फाजिलपुर डंडा बाजार की बताई जा रही है। घायल दंपती की पहचान सुभाष यादव और उनकी पत्नी विशेखा देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों अपने घर पर मौजूद थे, तभी पड़ोस में रहने वाली गोतनी मिला देवी ने डायन होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से पति-पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया।

 

हमले में सुभाष यादव के सिर में गंभीर चोट आई है, जिससे उनका सिर फट गया, वहीं नाक पर भी गहरी चोटें लगी हैं। उनकी पत्नी विशेखा देवी को भी शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। दोनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है और मायागंज अस्पताल में उनका इलाज जारी है।

 

घायल विशेखा देवी ने बताया कि उनकी गोतनी अक्सर उन्हें डायन बताकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे इसी अंधविश्वास और रंजिश के कारण इस बार उन पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव में फैली डायन प्रथा के चलते उन्हें बार-बार अपमान और हिंसा का सामना करना पड़ता रहा है।

 

घटना की सूचना मिलते ही गोराडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए मायागंज अस्पताल भेजा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून और लगातार चल रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद इस तरह की घटनाओं का सामने आना बेहद चिंताजनक है। जरूरत है कि समाज ऐसे अंधविश्वास के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाए, ताकि निर्दोष लोगों को इस तरह की हिंसा का शिकार न होना पड़े।

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