
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी महाधरना आयोजित किया। इसी कड़ी में जामताड़ा जिला समाहरणालय के समक्ष सैकड़ों छात्र-युवा और संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हुए तथा राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
धरना कार्यक्रम की शुरुआत दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद वक्ताओं ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है।
धरना को संबोधित करते हुए जेएलकेएम जामताड़ा के जिलाध्यक्ष मनतोष कुमार महतो ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे। उन्होंने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी की सभी संदिग्ध परीक्षाओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों और कथित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो प्रभावित परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए।
जेएलकेएम ने राज्य सरकार को तीन दिनों की अंतिम चेतावनी भी दी। संगठन का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तीन दिनों के भीतर छात्र-युवाओं से संवाद कर ठोस निर्णय नहीं लेते हैं, तो पूरे राज्य के छात्रों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।
धरना समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं ने जामताड़ा उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। प्रदर्शन में केंद्रीय पदाधिकारी चक्रधारी चौधरी, जिला महासचिव बृजेश राउत, ललन कुमार, अर्जुन मंडल, रिजाउल अंसारी, बबलू महतो, सरोज यादव, शांतिमय रुज, अशोक घोष, उत्तम मंडल, नजरुल अंसारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा





