पटना ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को मिली रफ्तार, विकास योजना-2047 अधिसूचित, जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटी

पटना: बिहार सरकार ने राजधानी पटना की महत्वाकांक्षी पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। बिहार शहरी आयोजना एवं विकास बोर्ड ने टाउनशिप की विकास योजना-2047 (प्रारूप) को अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही विशेष क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इस निर्णय से लंबे समय से रुकी भूमि संबंधी गतिविधियां फिर से शुरू हो सकेंगी और परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है।

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि 31 जुलाई को विकास आयुक्त-सह-अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित बिहार शहरी आयोजना एवं विकास बोर्ड की 14वीं बैठक में विकास योजना-2047 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इसके बाद योजना का राजपत्र (गजट) में प्रकाशन कर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

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मंत्री ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद अगले 60 दिनों तक आम नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य संबंधित हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। निर्धारित समय में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों की जांच के बाद नियमानुसार विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकास योजना के प्रारूप के अधिसूचित होते ही विशेष क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक स्वतः समाप्त हो गई है। इससे भूमि बाजार में गतिविधियां बढ़ेंगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और परियोजना के विकास कार्यों में तेजी आएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकसित, आधुनिक और सुनियोजित बिहार के विजन को साकार करने में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में विश्वस्तरीय शहरी आधारभूत संरचना, चौड़ी सड़कें, बेहतर परिवहन व्यवस्था, पर्यावरण के अनुकूल विकास और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

सरकार का लक्ष्य भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक सुव्यवस्थित, समावेशी और टिकाऊ शहरी मॉडल तैयार करना है। मंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल टाउनशिप परियोजना को गति देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों व निवेशकों को पारदर्शी तथा स्पष्ट नियोजन व्यवस्था का लाभ भी मिलेगा। राज्य सरकार आधुनिक और सतत शहरी विकास की दिशा में ऐसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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