साइबर अपराध की राजधानी के रूप में पहचान बना चुके जामताड़ा में पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार अपराधियों के नेटवर्क के तार झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक जुड़े हो सकते हैं।
शुक्रवार को जिला पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने जामताड़ा के सोनबाद और मिहिजाम थाना क्षेत्र के बेवा इलाके में एक साथ छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिक्रम दां, जय कुमार दास और हेमंत दास के रूप में हुई है। तीनों जामताड़ा जिले के निवासी हैं और लंबे समय से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। केवाईसी अपडेट नहीं होने, एटीएम कार्ड बंद होने या बैंक खाता निष्क्रिय होने का डर दिखाकर लोगों से ओटीपी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद बैंक खातों और ई-वॉलेट से अवैध रूप से पैसे निकालकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड, 2 एटीएम कार्ड और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं। मामले की गहन जांच जारी है और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
संवाददाता : संतोष कुमार





