भागलपुर नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) एवं बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। हड़ताल के पहले दिन नगर निगम कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे फेडरेशन के अध्यक्ष विकास हरि ने कहा कि नगर निगम में वर्षों से कार्यरत कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण कर्मचारियों का आर्थिक और सामाजिक शोषण हो रहा है। ऐसे में सरकार को इस व्यवस्था को समाप्त कर नियमित नियुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नगर निकायों से आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना, 10 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी करना तथा सभी कर्मचारियों को सप्तम वेतन आयोग का लाभ देना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से इन मांगों को सरकार के समक्ष रखा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।
विकास हरि ने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की।
हड़ताल के कारण नगर निगम के कई विभागों के कामकाज पर असर पड़ने लगा है। सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति, कार्यालयी कार्य और अन्य नागरिक सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।






