मुंबई: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। करीब दो दशक तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने वाले 38 वर्षीय रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए कहा कि अब आगे बढ़ने का सही समय आ गया है।
अपने संदेश में रहाणे ने लिखा, “कैप 278… साइनिंग ऑफ। इतने वर्षों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।” उन्होंने कहा कि हर सफर की एक शुरुआत और एक अंत होता है और समय आने पर उसका सम्मान करना चाहिए।
रहाणे ने कहा कि बचपन से उनका सपना भारत की जर्सी पहनना था और उन्होंने हर मैच में देश और टीम को खुद से ऊपर रखा। उन्होंने कहा कि सही इरादे के साथ खेलना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। उन्होंने स्वीकार किया कि क्रिकेट में सफलता के साथ असफलताएं भी मिलीं, लेकिन फैंस के प्यार ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अपने करियर को याद करते हुए रहाणे ने कहा कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट से लेकर भारतीय टीम तक का सफर उनके लिए गर्व का विषय रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया हो, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा। अब वह युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने और अपने अनुभव साझा करने पर ध्यान देंगे।
रहाणे ने अपने पूरे सफर में सहयोग के लिए बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन, टीम के साथियों, कोच, आईपीएल फ्रेंचाइजी, परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया।
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 90 वनडे में 2,962 रन और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 375 रन बनाए।
रहाणे की कप्तानी में भारत ने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर ऐतिहासिक गाबा टेस्ट जीत दर्ज की, जिसे भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है। शांत स्वभाव, भरोसेमंद बल्लेबाजी और प्रेरणादायक नेतृत्व के लिए अजिंक्य रहाणे हमेशा भारतीय क्रिकेट इतिहास में याद किए जाएंगे।








