बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए बेऊर जेल

बिहार बंद के दौरान छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को शनिवार शाम पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दिन में राजधानी के रामगुलाम चौक पर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद शाम को पुलिस ने उन्हें एक मॉल से हिरासत में लिया और दीघा थाना ले गई। देर रात न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर केंद्रीय जेल भेजने का आदेश दिया।

 

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शनिवार को पेपर लीक, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर बुलाए गए बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव सुबह करीब 11 बजे रामगुलाम चौक पहुंचे थे। उन्होंने रामगुलाम की प्रतिमा पर चढ़कर छात्रों का समर्थन किया और उनके आंदोलन को न्यायसंगत बताया। उनके पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों का उत्साह बढ़ गया और बड़ी संख्या में छात्र बैरिकेडिंग तोड़ते हुए एग्जिबिशन रोड के रास्ते डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे।

 

प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने बसों के शीशे तोड़ दिए और पुलिस की एक जिप्सी में भी तोड़फोड़ की। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई जगह प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। गांधी मैदान, डाकबंगला और आसपास के इलाकों में दिनभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र संगठन आइसा के कई नेताओं को पहले ही हिरासत में लिए जाने के कारण प्रदर्शन बिखरा हुआ रहा, लेकिन छात्रों का विरोध कई घंटों तक जारी रहा।

 

इस बीच राष्ट्रीय जनता दल की पूर्व महिला अध्यक्ष आभा लता ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव को हिरासत में लेने के बाद उनकी जानकारी नहीं दी जा रही थी। उन्होंने बताया कि उनकी टीम कई थानों में तलाश करती रही और नौबतपुर थाना भी पहुंची, लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया।

 

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विपक्ष ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

 

 

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