पटना: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के पेपर लीक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को बिहार के वैशाली जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियां इसे बड़ी सफलता मान रही हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ में पेपर लीक गिरोह के कई अहम राज सामने आएंगे।

जांच के दौरान वैशाली जिले के सहदेई निवासी और हाजीपुर में वर्ष 2009 से संचालित क्विक डिजिटल साइबर कैफे का नाम सामने आया था। इसी सूचना के आधार पर 1 जुलाई की रात महाराष्ट्र एसटीएफ ने हाजीपुर के कचहरी रोड स्थित साइबर कैफे पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कैफे संचालक सोनू कुमार समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में सामने आया कि सोनू कुमार का संबंध इस मामले के कथित मास्टरमाइंड और समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता से था। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली के पवन कुमार और हरियाणा के हरिओम पानु को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों को बिजेंद्र गुप्ता का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।

इससे पहले 1 जुलाई को बिहार एसटीएफ और महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी पुलिस की संयुक्त टीम ने पटना के अगमकुआं थाना क्षेत्र से बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी को भी गिरफ्तार किया था।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 28 जून को आयोजित होने वाली TET परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से लगभग 24 घंटे पहले ही लीक हो गया था। इस परीक्षा के लिए 4.28 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। मामले का खुलासा होने के बाद महाराष्ट्र एसटीएफ ने भिवंडी सहित कई स्थानों पर छापेमारी कर बिहार से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब देशभर में NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्र आंदोलन तेज है। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई शहरों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

फिलहाल पुलिस बिजेंद्र गुप्ता से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उससे मिली जानकारी के आधार पर पूरे पेपर लीक नेटवर्क, तकनीकी माध्यमों, आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा हो सकता है। इससे मामले की जांच को और गति मिलने की उम्मीद है।