NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर बिहार विधानसभा में एक अलग तस्वीर देखने को मिली। बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक सतीश यादव ने विधानसभा परिसर में धरना शुरू कर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज़ अनसुनी करने का आरोप लगाया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। आइए देखते हैं यह रिपोर्ट।
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम चरण में BSP विधायक सतीश यादव हाथ में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि NEET मामले में छात्रों की मांग पूरी तरह जायज़ है, लेकिन सरकार उनसे संवाद करने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है।
सतीश यादव ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग है कि NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई बंद हो।
विधायक ने ऐलान किया कि वह 48 घंटे तक धरने पर बैठे रहेंगे। यदि इस दौरान सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने की नई रणनीति बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा, “जनता की आवाज उठाने के लिए संख्या बल जरूरी नहीं होता। जनता ने हमें छात्रों, गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज सदन तक पहुंचाने के लिए चुना है। अगर सदन में हमारी बात नहीं सुनी जाएगी तो लोकतांत्रिक तरीके से धरना देना ही विकल्प बचेगा।”
सतीश यादव कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट से BSP के टिकट पर निर्वाचित हुए हैं और वर्तमान विधानसभा में पार्टी के इकलौते विधायक हैं। ऐसे में उनका यह विरोध राजनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूपों में चर्चा का विषय बन गया है।
इधर, शुक्रवार को विधानसभा के मानसून सत्र का समापन भी होना है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सतीश यादव अपना 48 घंटे का धरना किस तरह जारी रखते हैं और क्या विधानसभा अध्यक्ष या सरकार की ओर से उनसे बातचीत कर कोई समाधान निकालने की कोशिश की जाती है।
फिलहाल, छात्र आंदोलन की गूंज अब विधानसभा तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।






