भागलपुर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से भागलपुर पुलिस ने पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण (रायट कंट्रोल) मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तथा नगर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। मॉक ड्रिल का उद्देश्य पुलिस बल को किसी भी आपात या संवेदनशील स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना और उनकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक एवं नगर पुलिस अधीक्षक ने मौजूद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को ब्रीफ करते हुए दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित कार्रवाई तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति में पुलिस की सतर्कता, अनुशासन और समन्वय ही सबसे बड़ी ताकत होती है। इसलिए सभी जवानों को हर परिस्थिति में संयम और पेशेवर तरीके से कार्य करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
अभ्यास के दौरान पुलिस बल को भीड़ को नियंत्रित करने, उपद्रवी तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई करने, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान विभिन्न परिस्थितियों का अभ्यास कर पुलिस जवानों की तैयारी का परीक्षण भी किया गया, ताकि वास्तविक स्थिति में वे बिना किसी भ्रम के प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
मॉक ड्रिल के बाद भागलपुर पुलिस ने शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में फ्लैग मार्च भी निकाला। फ्लैग मार्च में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इसका उद्देश्य आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को मजबूत करना, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा असामाजिक और उपद्रवी तत्वों पर प्रभावी निगरानी स्थापित करना था।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के नियमित अभ्यास और फ्लैग मार्च जारी रहेंगे, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ बनी रहे और किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
संवाददाता: रजनीश कुमार, भागलपुर






