
बोकारो जिले के चास प्रखंड अंतर्गत रीतुडीह पंचायत इन दिनों गंदगी, कचरे के अंबार और जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। पंचायत का खेल मैदान अब खेलकूद का केंद्र नहीं, बल्कि कचरे और गंदे पानी से भरा तालाब बन चुका है। चारों ओर फैली गंदगी और बदबू से स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के लिए सरकारी फंड आने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी काम नहीं हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। तालाब और नालियों का गंदा पानी आसपास के घरों में घुस जाता है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जलभराव के कारण पूरे इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत का खेल मैदान, जहां कभी बच्चे खेला करते थे, आज कचरा फेंकने का स्थान बन गया है। इससे बच्चों की खेल गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि इलाके की बदहाल स्थिति का असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। उनका कहना है कि गंदगी और बदबू के कारण कई परिवारों को शादी-विवाह के रिश्तों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोग इस इलाके में अपनी बेटियों का रिश्ता करने से भी हिचकिचाते हैं।
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से तत्काल कचरा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था करने, खेल मैदान और आसपास के क्षेत्र की नियमित सफाई कराने तथा जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
अब देखना होगा कि पंचायत प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करते हैं और रीतुडीह पंचायत के लोगों को गंदगी और जलभराव की समस्या से राहत मिल पाती है या नहीं।
संवाददाता : चंदन सिंह






