देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में सोमवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर इंडिया गठबंधन की ओर से एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में आयोजित इस प्रदर्शन में गठबंधन के विभिन्न दलों के नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की। उनका कहना था कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। वर्षों की मेहनत और तैयारी के बावजूद परीक्षा रद्द होने या प्रश्नपत्र लीक होने से युवाओं का भरोसा शिक्षा और भर्ती व्यवस्था से उठता जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी और सख्त कानून बनाया जाए। साथ ही दोषियों की शीघ्र पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
धरने के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिससे युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर प्रभावी रोक और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार का ध्यान छात्रों और युवाओं की समस्याओं की ओर आकर्षित करना तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है।
संवाददाता : संतोष कुमार







