विधायक संजय कुमार सिंह ने किया ‘उग्रतारा भारती मंडन पुस्तकालय’ का उद्घाटन, माँ उग्रतारा को समर्पित किया सागवान का भव्य पलंग

महिषी के स्वर्णिम इतिहास में रविवार का दिन एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। सिमरी बख्तियारपुर विधायक संजय कुमार सिंह ने एक ओर जहाँ उग्रतारा भारती मंडन पुस्तकालय का फीता काटकर उद्घाटन किया, वहीं दूसरी ओर माँ उग्रतारा के भक्तों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए माता के शयन के लिए उपयोग किए जाने वाले स्टील के पलंग की जगह सागवान की लकड़ी से बना भव्य पलंग मंदिर को समर्पित किया। श्रद्धालुओं ने विधायक के इस कदम को आस्था और जनभावनाओं का सम्मान बताया।

 

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पुस्तकालय उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित समाजसेवियों, युवाओं और छात्रों ने विधायक संजय कुमार सिंह का पाग, माला और अंगवस्त्र देकर भव्य स्वागत किया। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि महिषी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के ऐतिहासिक शास्त्रार्थ की भूमि रही है। यह क्षेत्र ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिक चिंतन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं ने वर्षों से बंद पड़े पुस्तकालय को पुनर्जीवित करने का सराहनीय प्रयास किया है। युवाओं के समर्पण और उत्साह को देखते हुए उग्रतारा भारती मंडन विकास समिति के कार्यालय में पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया है, जिसे शीघ्र ही उसके नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।

 

विधायक ने यह भी घोषणा की कि वे जिलाधिकारी से मिलकर भगवती उग्रतारा मंदिर परिसर में निर्मित पुस्तकालय भवन को उग्रतारा भारती मंडन पुस्तकालय समिति के सदस्यों को संचालन के लिए हस्तांतरित कराने की पहल करेंगे, ताकि यह पुस्तकालय क्षेत्र के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए स्थायी रूप से संचालित हो सके।

 

इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी डॉ. एच. एस. ठाकुर, सरपंच दुर्गा देवी, समिति सदस्य केशव वत्स, कन्हैया ठाकुर, सोमेश भारद्वाज, सौरभ ठाकुर, दीपक ठाकुर, आयुष ठाकुर एवं ब्रजकिशोर चौधरी बने।

 

समारोह में नंदकुमार चौधरी, अवकाश प्राप्त शिक्षाविद माणिक चंद्र झा, अमर पाठक, विनय ठाकुर, गगन महतो, लोजपा संसदीय बोर्ड के जिला अध्यक्ष मणिकांत सिंह, मकरध्वज मिश्र तथा अपनी सामाजिक सक्रियता से युवाओं के बीच लोकप्रिय भावी जिला परिषद प्रत्याशी अंशु झा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक, शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।

 

पुस्तकालय से जुड़े युवाओं ने बताया कि उनका उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को महानगरों जैसी अध्ययन सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा प्रभावित न हो। उनका मानना है कि यह पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रहालय नहीं, बल्कि ज्ञान, चरित्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का मजबूत केंद्र बनेगा।

 

भावी जिला परिषद प्रत्याशी अंशु झा ने बताया कि कई वर्षों से इस ऐतिहासिक स्थल पर एक सुदृढ़ पुस्तकालय की मांग की जा रही थी। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित पहल नहीं होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों के सहयोग से इस व्यापक पुस्तकालय को तैयार किया गया। वहीं विधायक संजय कुमार सिंह ने युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में यह पुस्तकालय बिहार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाएगा।

 

समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तकालय भविष्य में महिषी एवं आसपास के हजारों विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, शोध, नवाचार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का प्रमुख केंद्र बनेगा।

 

संवाददाता : इन्द्रदेव, सहरसा

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