मुंगेर को खगड़िया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण श्रीकृष्ण सेतु के एप्रोच पथ पर खतरे के संकेत सामने आए हैं। लगातार बारिश के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-333बी पर सुजाबलपुर स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बने रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की सुरक्षा दीवार मुख्य संरचना से अलग हो गई है। दीवारों के बीच बनी चौड़ी दरार से बारिश का पानी लगातार अंदर जा रहा है, जिससे एप्रोच पथ की मिट्टी का कटाव शुरू हो गया है। इस स्थिति ने सड़क की मजबूती और हजारों यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार और पुल की मुख्य दीवार के बीच स्पष्ट गैप दिखाई दे रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण पानी दरार के भीतर पहुंच रहा है और नीचे की मिट्टी बह रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो एप्रोच पथ की नींव कमजोर हो सकती है, जिससे सड़क में धंसाव या संरचनात्मक क्षति का खतरा बढ़ जाएगा।
एनएच-333बी मुंगेर और खगड़िया के बीच संपर्क का प्रमुख मार्ग है। इसी रास्ते से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन, बसें, ट्रक, एम्बुलेंस और अन्य यात्री वाहन गुजरते हैं। ऐसे में एप्रोच पथ की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं और पूरे स्थल की तकनीकी जांच के साथ स्थायी मरम्मत की मांग की है।
प्रशासन ने जांच और मरम्मत का भरोसा दिया है, लेकिन लगातार बारिश के कारण लोगों की चिंता अभी भी बनी हुई है। यदि जल्द तकनीकी हस्तक्षेप नहीं किया गया तो मिट्टी का कटाव और बढ़ सकता है, जिससे एप्रोच पथ की स्थिरता प्रभावित होने का खतरा रहेगा। बिहार के सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में शामिल श्रीकृष्ण सेतु की सुरक्षा अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर निर्भर है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच पूरी होते ही मरम्मत कार्य शुरू होगा, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।







