सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। पिछले छह दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को जब प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो पूर्व मुखिया संजीव कुमार ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए मोबाइल टावर पर चढ़कर आंदोलन शुरू कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। प्रशासन लगातार उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। देखिए यह रिपोर्ट।
सत्तर कटैया प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर पिछले छह दिनों से आंदोलन जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मांग रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसी से नाराज होकर पूर्व मुखिया संजीव कुमार सोमवार सुबह एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए और वहीं से अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। सभी लोग संजीव कुमार से सुरक्षित नीचे उतरने की अपील करते रहे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि जब तक डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर प्रशासन की ओर से स्पष्ट और लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। प्रशासन लगातार बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य बनाने में जुटा है।
घटना के बाद पूरे इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि आंदोलनकारियों से बातचीत जारी है और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी थी और संजीव कुमार अब भी टावर पर डटे हुए थे।
सत्तर कटैया में डिग्री कॉलेज की मांग अब आंदोलन के निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। एक ओर आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन बातचीत के जरिए समाधान खोजने में जुटा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन क्या फैसला लेता है और पूर्व मुखिया संजीव कुमार को कब तक सुरक्षित नीचे उतारा जा सकेगा। कैमरे के साथ ___, सहरसा।







