बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जनसुराज पार्टी के तीन पूर्व विधानसभा प्रत्याशी—के.सी. सिन्हा, नीतेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इनके साथ पटना नगर निगम चुनाव की पूर्व प्रत्याशी विनिता बिट्टू सिंह, डॉ. किशोर कुमार, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष बृजकोशिर सिन्हा, ब्रह्मदेव मांझी समेत सैकड़ों समर्थकों ने भी भाजपा का दामन थामा।
भाजपा में शामिल होने के बाद प्रसिद्ध गणितज्ञ एवं कुम्हरार के पूर्व प्रत्याशी के.सी. सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में भारत को फिर से शीर्ष पर पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली है।
वहीं, मनेर के पूर्व प्रत्याशी गोपाल सिंह ने इसे अपनी “घर वापसी” बताते हुए कहा कि वे पहले लंबे समय तक भाजपा में रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सोच के साथ वे प्रशांत किशोर की पार्टी में गए थे, वैसा कोई विजन वहां देखने को नहीं मिला और संगठनात्मक ढांचा भी कमजोर है।
दीघा के पूर्व प्रत्याशी बिट्टू सिंह ने जनसुराज में जाने को अपनी राजनीतिक भूल बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि आवेश में लिया गया फैसला गलत साबित हुआ और अब वे पूरी निष्ठा से भाजपा के लिए काम करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर लगातार लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं के आने से पार्टी और मजबूत होगी।
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं मैदान में हैं। ऐसे में तीन पूर्व प्रत्याशियों का भाजपा में शामिल होना चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा कायस्थ और राजपूत मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है, जिससे उपचुनाव के समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।






