बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने भागलपुर दौरे के दौरान शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गौराडीह प्रखंड के काशील खरबा गांव में नवस्थापित डिग्री कॉलेज का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भागलपुर से ही रिमोट के माध्यम से राज्य के 211 महाविद्यालयों को मान्यता देने की प्रक्रिया का भी शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अब दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि युवाओं का भविष्य बेहतर बन सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ रोजगार सृजन पर भी सरकार का विशेष ध्यान है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इसी वर्ष बिहार में नए उद्योगों की स्थापना की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं का दूसरे राज्यों की ओर पलायन भी कम होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण के लिए शिक्षा और उद्योग दोनों क्षेत्रों में तेजी से काम किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सरकारी सहायता राशि भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर 25 जुलाई को उन सभी पात्र महिलाओं के खातों में भी सहायता राशि भेजी जाएगी, जो अब तक किसी कारणवश इस योजना का लाभ नहीं ले सकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से विकसित बिहार का निर्माण करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री के इस दौरे और घोषणाओं से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।






