
बिहार के रोहतास जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांझर कुंड जलप्रपात फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। बढ़ती भीड़, फैली गंदगी और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए जिला प्रशासन ने 20 जुलाई तक यहां पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस दौरान पूरे क्षेत्र की सफाई और आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
मानसून शुरू होते ही मांझर कुंड जलप्रपात में पानी का बहाव बढ़ गया था, जिसके बाद बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचने लगे। लेकिन पिकनिक के नाम पर गैस सिलेंडर और चूल्हा जलाकर खाना बनाना, प्लास्टिक, थर्मोकोल और पॉलीथिन का कचरा फैलाना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया।
रविवार को रोहतास के डीएम दीपक कुमार मिश्रा, एसपी रोशन कुमार और वन प्रमंडल पदाधिकारी स्टालिन फीडल कुमार ने पुलिस और वन विभाग की टीम के साथ मांझर कुंड का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अनधिकृत रूप से पिकनिक मना रहे लोगों को तत्काल हटाया। कुछ लोगों के नशे में होने की आशंका पर उनकी जांच भी कराई गई।
निरीक्षण में पाया गया कि पर्यटकों की लापरवाही से न केवल मांझर कुंड की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि कैमूर वन्यजीव अभ्यारण्य का पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। प्रशासन ने साफ कहा है कि प्राकृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 20 जुलाई तक मांझर कुंड आम पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इस अवधि में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा और पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई व्यक्ति मांझर कुंड में प्रवेश करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हर वर्ष मानसून में हजारों पर्यटक इस खूबसूरत जलप्रपात का आनंद लेने पहुंचते हैं। प्रशासन ने अपील की है कि वन्यजीव अभ्यारण्य और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में सभी नागरिक सहयोग करें, ताकि आने वाले समय में भी मांझर कुंड की सुंदरता सुरक्षित बनी रहे।





